Breaking News
Home / Politics / दहेज़ में BSF जवान को मिले 11 लाख रूपये, लेने से मना किया और कह दी दिल को छूने वाली बात

दहेज़ में BSF जवान को मिले 11 लाख रूपये, लेने से मना किया और कह दी दिल को छूने वाली बात

दोस्तों पुराने समय में दहेज़ प्रथा बहुत ज्यादा चलती थी. उस समय लड़का का होना किसी को अच्छा नही लगता था. अमीर लोग तो जैसे कैसे दहेज़ देकर अपनी बेटी की शादी करवा देते थे लेकिन जो एक गरीब पिता होता वह अपनी बेटी की शादी के लिए खुद बिक कर रह जाता था. इसके बाद भी उसकी बेटी को दहेज़ के लिए परेशान किया जाता था. कुछ हादसे तो दहेज़ के कारण ऐसे भी हुए जब सास ससुर ने अपनी बहु को जिंदा जला दिया हो. इस तरह के किस्से पहले बहुत ज्यादा देखने को मिलते थे लेकिन बदलते समय के साथ जमाना भी बदल रहा है. आज दहेज़ का नाम बहुत कम जगहों पर ही लिया जाता है. दहेज़ शब्द अब भी पूरी तरह से खत्म नही हुआ है.

हालात सिर्फ इतने बदले है कि पहले दहेज़ लडकी वालो से मांगकर लिया जाता था और अब लडकी वाले खुद अपनी मर्जी से बेटी को देते है. हालांकि कुछ एक जगहों पर आज भी लडकी के घरवालो से लडके वाले मुह मांगी कीमत मांगते है. लडकी वालो को उनके सामने झुकना ही पड़ता है. लेकिन हाल ही में एक ऐसा मामला देखने को मिला है जिसे देखकर हर कोई खुश हो रहा है. इसने समाज में दहेज़ की बढती सोच को भी पीछे छोड़ दिया है. दरअसल राजस्थान के जयपुर में CISF जितेन्द्र सिंह की शादी में जब उनके ससुराल वालो ने दहेज़ के रूप में 11 लाख रूपये देने चाहे तो उन्होंने लेने से साफ़ मना कर दिया.

जितेन्द्र ने लडकी के पिता के हाथ में पैसे वापिस करते हुए कहा कि वह दहेज़ नही लेना चाहता है अगर आप कुछ देना ही चाहते है तो एक नारियल को मेरे हाथ में रख दें. इसके अलावा जितेन्द्र ने ये भी कहा है कि उन्हें असली ख़ुशी तब होगी जब उनकी होने वाली पत्नी जोकि न्यायिक सेवा की परीक्षा की तैयारी कर रही है उसमे पास होकर जज बन जाएगी. लडके की बात सुनकर लडकी के पिता की आँखे भर आई. आँखों में आंसू भरे पिता ने कहा कि अब उन्हें यकीन हो गया है कि उनकी बेटी जिस घर में जा रही है वह बहुत अच्छा है और उनकी बेटी का पति काफी समझदार है व् स्वाभिमानी भी है.

आज के समय में ऐसे बहुत कम लोग आपको देखने को मिलेंगे जोकि दहेज़ के पैसे छोडकर इस तरह की बात करे. आज के समय में तो हर तरफ सिर्फ लालच का ही बोलबाला है. हर किसी को बस अपने लालच से मतलब है. दहेज़ के नाम पर लोगो ने लडकी के घरवालो को लूटना शुरू कर दिया है. लडकी वाले शर्म के मारे लडके वालो की सभी डिमांड पूरी करते आते है. दहेज़ लेना और देना दोनी ही गैर क़ानूनी है जबकि देश के बहुत से गाँव में दहेज़ प्रथा खुलेआम चली जा रही है. लोगो को लगता है लडकियाँ सिर्फ बेचने के लिए होती है इसलिए दहेज़ के नाम पर उनकी कीमत लडके वालो को अदा की जाती है. इस तरह की सोच हालांकि बहुत कम लोगो के पास है.

About Rani

Check Also

बेटे की फीस के लिए पिता ने बेच दी जमीन आज वही बेटा IPS बन कर रहा उनका नाम रौशन

दोस्तों इस दुनिया में हमारे माँ बाप से बढकर कोई नही होता. माँ बाप खुद …